Bihar Vigilance: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने दीपावली के दिन बड़ी कार्रवाई की है। पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता रितेश चंद्र सिन्हा को 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है।

निगरानी ब्यूरो की टीम ने रविवार को मधुबनी में तैनात पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता रितेश चन्द्र सिन्हा को 5 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी पटना के आशियाना स्थित रामनगरी के शिव पार्वती गृह अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर सी-303 से की गई। कार्रवाई के दौरान आरोपी ने निगरानी टीम को देखकर रिश्वत की रकम फ्लैट की खिड़की से बाहर फेंक दी, जिसे टीम ने बरामद कर लिया।
यह गिरफ्तारी पटना के रामनगरी, आशियाना स्थित शिव पार्वती गृह अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर सी-303 से हुई। गिरफ्तारी के बाद उनके आवास की तलाशी में 6 लाख 11 हजार 900 रुपये नकद समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जो उनकी अकूत संपत्ति की ओर इशारा करते हैं।
मधुबनी पथ प्रमंडल में तैनात रितेश चंद्र सिन्हा पर आरोप है कि उन्होंने सड़क निर्माण परियोजना में बकाया भुगतान के लिए 19.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। यह कार्रवाई रोहतास जिले के डेहरी ऑन सोन निवासी अरुण कुमार सिंह की शिकायत के बाद की गई है, जिन्होंने निगरानी ब्यूरो को रिश्वत मांगे जाने की सूचना दी थी।
सड़क परियोजनाओं में बकाया भुगतान पर मांगी थी रिश्वत
शिकायतकर्ता अरुण कुमार सिंह के अनुसार, मधुबनी पथ प्रमंडल के तहत दो प्रमुख सड़क निर्माण परियोजनाएं चल रही थीं। पहली परियोजना राजनगर-बाबूबरही-खुटौना में करीब 1.2 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण की थी, जिसकी कुल लागत 5.78 करोड़ रुपये थी। इसका लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था और 50 लाख रुपये का भुगतान भी किया जा चुका था।
दूसरी परियोजना स्टेडियम चौक, महाराजगंज चौक और सूड़ी हाई स्कूल से संबंधित थी, जो लगभग 2.4 किलोमीटर लंबी थी और इसकी लागत 13.48 करोड़ रुपये थी। इस सड़क का भी करीब 25 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था और इसके एवज में 1.41 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। दोनों योजनाओं में करीब 6.50 करोड़ रुपये का भुगतान शेष था। आरोप है कि कार्यपालक अभियंता रितेश चंद्र सिन्हा ने इस बकाया राशि के तीन प्रतिशत के हिसाब से कुल 19.50 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी और तत्काल 5 लाख रुपये देने को कहा था।
निगरानी का जाल और इंजीनियर की गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद बिहार Vigilance ब्यूरो ने तत्काल मामले का सत्यापन किया। रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण मिलते ही निगरानी थाना कांड संख्या 133/26 दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में एक धावा दल का गठन किया गया, जिसने रविवार को जाल बिछाकर कार्यपालक अभियंता रितेश चंद्र सिन्हा को 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, ‘शिकायतकर्ता के आरोप की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई। आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया और आगे की जांच जारी है।’
फ्लैट से मिली करोड़ों की संपत्ति, जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम ने आरोपी इंजीनियर के फ्लैट की गहन तलाशी ली। इस दौरान 6 लाख 11 हजार 900 रुपये नकद बरामद हुए। इसके अलावा, सोने-चांदी के आभूषण, शेयर और एलआईसी में किए गए निवेश से संबंधित महत्वपूर्ण कागजात भी मिले हैं। तलाशी में सात बैंक खातों के दस्तावेज, जमीन और फ्लैट से जुड़े कई कागजात, साथ ही लॉकर की चाबी और उसके संबंधित कागजात भी जब्त किए गए हैं। निगरानी ब्यूरो ने बताया कि आरोपी और उनके परिजनों के नाम पर अर्जित संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। बरामद आभूषणों का मूल्यांकन किया जा रहा है और मामले में आगे की तलाशी एवं अनुसंधान जारी है। गिरफ्तार कार्यपालक अभियंता को पूछताछ के बाद निगरानी के विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा।







