Bihar Encounter: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर बिहार में जन आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार को जवइनिया गांव में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोग इंसाफ की मांग को लेकर एकजुट हुए। इस महापंचायत में भरत तिवारी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई और उनके एनकाउंटर को लेकर प्रशासन के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी गईं।
इस दौरान जवइनिया गांव के बाढ़ पीड़ितों के लिए भरत तिवारी के संघर्ष को याद किया गया। महापंचायत में मौजूद लोगों ने अपील की कि जिस जगह पर बाढ़ पीड़ितों को बसाया जा रहा है, उसका नाम ‘भरत तिवारी नगर’ रखा जाए। उनका कहना था कि भरत तिवारी ने जवइनिया गांव के लोगों के लिए अपनी जान गंवाई, ताकि आने वाली पीढ़ी उनके बलिदान को जान सके। इस मांग को लेकर सरकार और प्रशासन से मदद की अपील भी की गई।






एनकाउंटर पर महापंचायत की 5 मुख्य मांगें
महापंचायत में भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की गई। लोगों ने सर्वसम्मति से निम्नलिखित पांच मुख्य मांगें रखीं:
- भरत तिवारी पर गोली चलाने का आदेश देने वाले पुलिसकर्मियों पर तत्काल कार्रवाई हो।
- भरत तिवारी के परिजनों और विरोध प्रदर्शनों के दौरान जिन लोगों पर भी मामले दर्ज किए गए हैं, उन सभी केसों को वापस लिया जाए।
- इस मामले में जो भी पुलिसकर्मी दोषी या अभियुक्त हैं, उनकी जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
- भरत के पीड़ित परिवार को पर्याप्त मुआवजा राशि प्रदान की जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
- एनकाउंटर के दौरान पुलिस द्वारा जब्त किए गए भरत के मोबाइल फोन को उनके परिजनों को वापस किया जाए।
भावुक हुए पिता और भाई, सरकार ने लिया बड़ा फैसला
महापंचायत में ‘भरत तिवारी अमर रहे’ के नारे बार-बार गूंजते रहे, और बड़े-बड़े पोस्टर भी लगाए गए थे। इस दौरान भरत के पिता और भाई बेहद भावुक हो गए, उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। महापंचायत में मौजूद लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाया और न्याय के लिए एकजुटता का संदेश दिया।
“मंत्रि परिषद ने विभागीय अधिसूचना के द्वारा न्यायिक जांच आयोग की स्वीकृति प्रदान करने की जानकारी प्रदान कर दी है। सरकार की तरफ से गठित न्यायिक जांच आयोग की अध्यक्षता पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा करेंगे। आयोग को घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की निष्पक्ष जांच करने और निर्धारित बिंदुओं (टर्म्स ऑफ रेफरेंस) के आधार पर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है।”
दूसरी ओर, राज्य सरकार ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच के संबंध में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंत्रि परिषद ने विभागीय अधिसूचना के माध्यम से न्यायिक जांच आयोग के गठन को स्वीकृति दे दी है। इस आयोग की अध्यक्षता पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा करेंगे। आयोग को घटना से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने का निर्देश दिया गया है, ताकि सच सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो सके।








