Patna News: शनिवार को पटना के रामगुलाम चौक पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव छात्रों के एक बड़े समूह के साथ दिखाई दिए। इस दौरान वहां मौजूद पुलिस बल के साथ उनकी और छात्रों की धक्का-मुक्की हो गई, जिससे तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। इस घटना के बाद तेज प्रताप यादव और उनके साथ आए छात्र डाकबंगला की ओर आगे बढ़ गए।
छात्रों के साथ पहुंचे तेज प्रताप, बढ़ी हलचल
स्थानीय सूत्रों और मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, तेज प्रताप यादव छात्रों से जुड़े कुछ मुद्दों को लेकर रामगुलाम चौक पहुंचे थे। उनके पहुंचने पर वहां बड़ी संख्या में छात्र भी इकट्ठा हो गए थे। भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास में पुलिस ने हस्तक्षेप किया, जिसके दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ देर के लिए माहौल काफी तनावपूर्ण बना रहा। पुलिस ने छात्रों और नेता को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, लेकिन तेज प्रताप यादव अपने समर्थकों और छात्रों के साथ डाकबंगला की दिशा में बढ़ते रहे। रामगुलाम चौक के पास प्रदर्शनकारी मोबाइल टावर पर चढ़ गए। उनके समर्थन में तेज प्रताप यादव भी पहुंचे और तिरंगा लहराया। बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।






रामगुलाम चौक पर पुलिस से झड़प
इस घटना ने पटना के इस व्यस्त इलाके में काफी हलचल पैदा कर दी। आसपास के दुकानदार और राहगीर भीड़ को देखकर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस की ओर से अतिरिक्त बल बुलाए जाने की भी खबर है। तेज प्रताप यादव पिछले कुछ समय से विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। छात्रों के साथ उनकी यह उपस्थिति शिक्षा, रोजगार या अन्य छात्र संबंधी मांगों से जुड़ी हो सकती है।
डाकबंगला की ओर बढ़ा काफिला
हालांकि, अभी तक तेज प्रताप यादव या उनके करीबियों की ओर से इस घटना को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस प्रशासन भी इस मामले में कोई विस्तृत बयान जारी करने से बच रहा है। इस घटना से पटना में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है, और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
बिहार बंद: राजधानी पटना में छात्रों ने मचाया उत्पात, मोबाइल टावर पर चढ़े, पुलिस ने किया लाठीचार्ज, तेजप्रताप यादव का अंदाज!
Bihar Bandh: 25 जुलाई को बुलाए गए बिहार बंद के दौरान राज्य के कई शहरों में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। राजधानी पटना में छात्रों के उग्र प्रदर्शन ने प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी। गांधी मैदान स्थित रामगुलाम चौक पर कुछ छात्र विरोध जताने के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को नियंत्रित करने और प्रदर्शनकारियों को नीचे उतारने के लिए पुलिस बल को मौके पर पहुंचना पड़ा।
इस दौरान पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा खुद सड़क पर उतरकर स्थिति को संभालने का प्रयास करते दिखे। टावर पर चढ़े छात्रों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वहीं, पूर्व मंत्री और जन अधिकार पार्टी (JJD) नेता तेजप्रताप यादव भी हाथ में तिरंगा लेकर गांधी मैदान के पास छात्रों के प्रदर्शन में शामिल हुए, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया।
पटना में छात्रों पर लाठीचार्ज, SDM ने दिए आदेश
राजधानी पटना के जेपी गोलंबर पर भी बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। पटना सदर एसडीएम कृतिका शर्मा ने इस दौरान लाठीचार्ज का आदेश दिया, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया। झड़प के दौरान डीएसपी कामाख्या नारायण भी घायल हो गए, जो सड़क पर ही पुलिस बल को दिशा-निर्देश देते नजर आए। गांधी मैदान में भी पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करना पड़ा।
सीवान से छपरा तक दिखा विरोध का अनोखा अंदाज
बिहार बंद का असर केवल पटना तक सीमित नहीं रहा। सीवान में प्रदर्शन का एक अनोखा तरीका देखने को मिला, जहां एक छात्र कॉकरोच के गेटअप में सड़क पर उतरकर विरोध जताता नजर आया। इसी जिले में सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने के आरोप में एक युवक को हिरासत में भी लिया गया। उधर, बेगूसराय में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस ने ड्रोन के जरिए पूरे इलाके की निगरानी की।
छपरा में छात्रों का प्रदर्शन और भी उग्र रूप ले लिया। यहां प्रदर्शनकारियों ने सरकारी भवन पर चढ़कर पोस्टर फाड़ दिए। कुछ छात्र बैरिकेडिंग उठाकर ले जाते भी दिखे, जिससे सड़क पर भारी संख्या में प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा हो गई। यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और इस दौरान एक जज की गाड़ी भी जाम में फंस गई, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
आगे क्या?
बिहार बंद के दौरान कई शहरों में हुए प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई ने कानून व्यवस्था के लिए चुनौती खड़ी कर दी। पुलिस अभी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सतर्क है।








