Bihar Teacher Transfer: बिहार के लाखों शिक्षकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। लंबे इंतजार के बाद आज यानी बुधवार से स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल खुल रहा है। इसके साथ ही, तीसरे चरण (TRE-3) में नियुक्त हुए शिक्षकों को भी शिक्षा विभाग ने बड़ी राहत दी है। अब प्रोबेशन पीरियड में कार्यरत टीआरई-3 शिक्षक भी तबादले के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने की अंतिम तारीख 5 अगस्त निर्धारित की गई है।
टीआरई-3 शिक्षकों को मिली विशेष छूट
शिक्षा विभाग ने बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 में संशोधन करते हुए टीआरई-3 के तहत नियुक्त शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और प्रधान शिक्षकों को भी स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अनुमति दे दी है। पहले 21 जुलाई को जारी नियमावली में प्रोबेशन पीरियड में कार्यरत शिक्षकों को ट्रांसफर के लिए आवेदन करने की अनुमति नहीं थी। इस महत्वपूर्ण बदलाव से हजारों नए शिक्षकों को लाभ मिलेगा, जो अपने गृह जिले या पसंदीदा स्थान पर जाने की उम्मीद कर रहे थे।






शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा, ‘राज्य सरकार शिक्षकों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। शिक्षकों से मिले सुझावों और व्यावहारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य ट्रांसफर प्रक्रिया को अधिक न्यायसंगत, पारदर्शी और शिक्षक हितैषी बनाना है, ताकि किसी भी शिक्षक को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।’
तीन चरणों में पूरी होगी स्थानांतरण प्रक्रिया
शिक्षकों के स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया तीन मुख्य चरणों में संपन्न होगी, जिससे पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित की जाएगी।
- पहला चरण: इसमें समायोजन (रैशनलाइजेशन) और छात्र-शिक्षक अनुपात के आधार पर समानुपातीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
- दूसरा चरण: इसके बाद पारस्परिक (म्यूचुअल) ट्रांसफर होगा।
- तीसरा चरण: सबसे अंत में सामान्य ट्रांसफर किए जाएंगे।
जिला और प्रमंडल स्तर की स्थापना समितियां 7 से 9 सितंबर के बीच समायोजन और समानुपातीकरण की लिस्ट जारी करेंगी और उन पर आने वाली आपत्तियों का निपटारा करेंगी। इसके बाद, 10 से 14 सितंबर तक पारस्परिक ट्रांसफर की प्रक्रिया चलेगी। रिक्तियों का संशोधित विवरण जारी होने के बाद, 17 से 23 सितंबर तक सामान्य ट्रांसफर के लिए विद्यालयों का विकल्प लिया जाएगा। अंत में, 24 सितंबर से 31 अक्टूबर के बीच सामान्य ट्रांसफर की लिस्ट जारी होकर पूरी प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी। यह नई नियमावली शिक्षकों को एक बेहतर और न्यायसंगत कार्यस्थल चुनने का अवसर प्रदान करेगी।







