Darbhanga Railway Protest: दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान में सकरी-हसनपुर रेल परियोजना के तहत प्रस्तावित नए रेल रूट को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। हरनगर स्टेशन परिसर में ‘कुशेश्वरस्थानधाम रेल परियोजना निर्माण संघर्ष समिति’ के बैनर तले एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इस परियोजना को पुराने, आंशिक रूप से निर्मित मार्ग से ही पूरा किया जाए, ताकि किसानों की हजारों एकड़ जमीन और सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
सामाजिक कार्यकर्ता मधुकांत झा मिंटू की अध्यक्षता में हुए इस धरने में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि रेलवे विभाग द्वारा हरनगर से कुशेश्वरस्थान तक लगभग 12 किलोमीटर लंबे नए रूट के लिए जमीन अधिग्रहण और डीपीआर की प्रक्रिया शुरू करना पूरी तरह अनुचित है।
पुराने रूट पर 90% काम पूरा, फिर भी नया क्यों?
सामाजिक कार्यकर्ता शंकर कुमार झा ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि हरनगर से कुशेश्वरस्थान तक पुराने रेल रूट को छोड़कर नया मार्ग बनाना किसानों और सरकारी खजाने दोनों पर भारी बोझ डालेगा। उन्होंने बताया कि पुराने रूट पर परियोजना का एक बड़ा हिस्सा पहले ही तैयार हो चुका है। करीब 3 किलोमीटर क्षेत्र में 90 प्रतिशत मिट्टी कार्य के साथ पुल-पुलिया का निर्माण भी पूरा हो गया है।
शंकर कुमार झा ने कहा, ‘हरनगर से कुशेश्वरस्थान तक पुराने रेल रूट को छोड़कर नया मार्ग बनाने की प्रक्रिया शुरू करना क्षेत्र के किसानों और सरकारी खजाने दोनों पर अतिरिक्त बोझ डालेगा।’
संघर्ष समिति के सदस्यों का तर्क है कि यदि पुराने रूट को ही मंजूरी देकर निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाए, तो महज छह माह में शेष काम पूरा करके हसनपुर तक रेल परिचालन शुरू किया जा सकता है। इससे समय और सरकारी राशि, दोनों की बचत होगी। इसके बावजूद, रेलवे विभाग नए रूट पर अड़ा हुआ है।
किसानों की हजारों एकड़ जमीन और जीविका का संकट
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नए रूट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया हजारों एकड़ कृषि भूमि को दोबारा अधिग्रहित करने की स्थिति पैदा करेगी। इससे बड़ी संख्या में किसानों के सामने जीविका का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। यह न केवल किसानों के लिए अन्याय होगा, बल्कि सरकारी खजाने पर भी अनावश्यक दबाव बढ़ाएगा।
वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि कुशेश्वरस्थान को रेल से जोड़ने की मांग किसी एक दल की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की वर्षों पुरानी आकांक्षा है। पूर्व रेल मंत्री स्वर्गीय ललित नारायण मिश्र और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान जैसे नेताओं ने उत्तर बिहार के देवघर कहे जाने वाले बाबा कुशेश्वरनाथ धाम को रेल जंक्शन के रूप में विकसित करने का सपना देखा था, जिसे पूरा करने के लिए सर्वदलीय संघर्ष जारी रहेगा।
आंदोलन जारी रखने का संकल्प
संघर्ष समिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक पुराने रूट पर रेल लाइन निर्माण की मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस आंदोलन के पहले चरण की शुरुआत 10 सितंबर को हरनगर स्टेशन पर धरना के माध्यम से की गई थी। इस दौरान राज्यसभा सांसद श्री झा ने इस मामले को सक्षम प्राधिकार के समक्ष उठाने का आश्वासन भी दिया।
धरना में उप प्रमुख संतोष कुमार यादव, मुखिया संघ अध्यक्ष विमलचंद्र खां, रामकृष्ण पाठक, लोजपा अध्यक्ष गणेश पाठक, बच्चा राय, सरपंच सिकंदर पासवान, मनोज कुमार झा, संजय सिंह, भाजपा अध्यक्ष घनश्याम चौधरी, रौशन कुमार राय, राजीव कुमार झा, बबलू झा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा।







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