Voter List Revision: चुनाव आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की समयसीमा बढ़ा दी है। इस निर्णय से दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और नगालैंड के लाखों मतदाताओं को बड़ी राहत मिली है। अब पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने, हटाने या संशोधन के लिए अतिरिक्त समय का लाभ उठा सकेंगे। आयोग ने इन राज्यों में दावे-आपत्तियां दाखिल करने, उनके निस्तारण और अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीखों में बदलाव किया है।
विभिन्न राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों से प्राप्त अनुरोधों और मौजूदा परिस्थितियों की गहन समीक्षा के बाद यह संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। चुनाव आयोग के अवर सचिव संदीप कुमार और सचिव पवन दीवान ने संबंधित राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस संशोधित समय-सारिणी का व्यापक प्रचार-प्रसार विभिन्न माध्यमों से करें। साथ ही, सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी इसकी लिखित जानकारी देने को कहा गया है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता पंजीकरण से वंचित न रहे।
किन राज्यों को मिली राहत और क्या है नई समयसीमा?
चुनाव आयोग द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, विभिन्न राज्यों के लिए नई तारीखें इस प्रकार हैं:
- दिल्ली: राजधानी में एक अक्टूबर की अर्हता तिथि के आधार पर दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 25 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। पहले यह समयसीमा 30 अक्टूबर थी। मसौदा मतदाता सूची 31 अगस्त को प्रकाशित हुई थी। अब नोटिस जारी करने और प्राप्त दावे-आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 15 दिसंबर तक पूरी की जाएगी। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 दिसंबर 2026 को होगा।
- महाराष्ट्र: यहां भी एक अक्टूबर की अर्हता तिथि के आधार पर पुनरीक्षण कार्यक्रम में बदलाव हुआ है। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटाने या संशोधन के लिए दावे और आपत्तियां अब 13 नवंबर तक स्वीकार की जाएंगी। नोटिस जारी करने और दावे-आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 25 नवंबर तक पूरी होगी। राज्य में अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।
- हरियाणा: एक जुलाई की अर्हता तिथि के आधार पर चल रहे एसआईआर के तहत नोटिस जारी करने और दावे-आपत्तियों के निस्तारण की समयसीमा 20 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। हरियाणा में अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर को प्रकाशित होगी।
- आंध्र प्रदेश: इस राज्य में भी एक जुलाई की अर्हता तिथि के आधार पर दावे और आपत्तियों के निस्तारण की अंतिम तारीख 20 नवंबर निर्धारित की गई है। आंध्र प्रदेश में अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर को जारी होगी।
- तेलंगाना: यहां एक अक्टूबर की अर्हता तिथि के तहत दावे-आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 26 नवंबर तक चलेगी। राज्य में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 नवंबर को होगा।
- नगालैंड: मुख्य चुनाव अधिकारी के अनुरोध पर आयोग ने नगालैंड में भी एक अक्टूबर की अर्हता तिथि के अनुसार कार्यक्रम में संशोधन किया है। यहां दावे और आपत्तियों के निस्तारण की समयसीमा बढ़ाकर 25 नवंबर कर दी गई है। राज्य में अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।
मतदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर
यह विस्तार उन सभी नागरिकों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो अभी तक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं करा पाए थे या जिनके विवरण में कोई त्रुटि थी। चुनाव आयोग का यह कदम यह सुनिश्चित करने की दिशा में है कि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे। सभी पात्र व्यक्तियों को इस विस्तारित समयसीमा का लाभ उठाते हुए अपने नाम मतदाता सूची में सही ढंग से दर्ज कराने के लिए सक्रिय रूप से आगे आना चाहिए, ताकि आगामी चुनावों में वे अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सकें।

















