Bihar Kanwar Yatra: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की औपचारिक शुरुआत में अभी 11 दिन बाकी हैं, लेकिन सुलतानगंज स्थित बाबा अजगैबीनाथ धाम में आस्था का सैलाब अभी से उमड़ने लगा है। बांग्ला और नेपाली सावन शुरू होने के साथ ही शनिवार को हजारों शिवभक्त उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान कर बाबा अजगैबीनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचे। इसके बाद श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगाजल भरकर ‘हर हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष के बीच पैदल और वाहनों से बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर की यात्रा शुरू कर दी है।
श्रावणी मेले से पहले ही बिहार की कांवर यात्रा में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या ने साफ संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में सुलतानगंज से देवघर तक कांवर यात्रा अपने चरम पर होगी। स्थानीय पुरोहितों और कांवरियों के अनुसार, हर साल की तरह इस बार भी बांग्ला और नेपाली पंचांग के अनुसार सावन शुरू होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुलतानगंज पहुंचने लगे हैं। सुबह से देर रात तक उत्तरवाहिनी गंगा घाट और बाबा अजगैबीनाथ मंदिर परिसर ‘बोल बम’ के नारों से गूंजता रहा।






75 साल के दिव्यांग शिवभक्त की दंड प्रणाम यात्रा
श्रावणी मेले से पहले सुलतानगंज में आस्था की एक ऐसी तस्वीर भी सामने आई, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव निवासी 75 वर्षीय सोमन राय जन्म से दिव्यांग हैं। उनके एक हाथ में केवल एक उंगली ही काम करती है। इसके बावजूद उन्होंने उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर दंड प्रणाम करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम जाने का संकल्प लिया है।

सोमन राय का कहना है कि ‘यह यात्रा उनके लिए किसी चुनौती से अधिक श्रद्धा का विषय है। उन्हें विश्वास है कि बाबा भोलेनाथ स्वयं उन्हें अपने धाम तक पहुंचाएंगे। यात्रा के दौरान उन्हें किसी प्रकार की परेशानी महसूस नहीं होती।’
यह अद्भुत भक्ति, अन्य कांवरियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।
पश्चिम बंगाल से आई 70 किलो की कांवर बनी आकर्षण का केंद्र
बांग्ला सावन शुरू होने के साथ पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में शिवभक्त सुलतानगंज पहुंचने लगे हैं। कोलकाता के हावड़ा से आए 15 श्रद्धालुओं का एक जत्था विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। दल के सदस्य बिट्टू मंडल ने बताया कि उनकी टीम उत्तरवाहिनी गंगा से जल लेकर पैदल बाबा बैद्यनाथ धाम जाएगी। इस जत्थे के पास 50-50 किलो वजन की तीन विशेष कांवर हैं, जिन्हें सभी श्रद्धालु बारी-बारी से अपने कंधों पर उठाकर यात्रा करेंगे।
इसी तरह हावड़ा और हुगली से आए आठ श्रद्धालुओं का एक अन्य दल करीब 70 किलो वजन की आकर्षक कांवर लेकर देवघर के लिए रवाना हुआ। इस दल में दो महिला श्रद्धालु भी शामिल हैं। श्रद्धालुओं दीपांकर, कुणाल, सुजय और राघव ने बताया कि उनकी यात्रा किसी मन्नत के लिए नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। उनका लक्ष्य बांग्ला सावन की पहली सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करना है।
व्यवस्थाओं पर सवाल और प्रशासन की तैयारी
बढ़ती भीड़ के बीच श्रद्धालुओं ने गंगा घाट और कच्चे कांवरिया पथ पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि रात और तड़के सुबह अंधेरे में गंगा स्नान करने तथा जल लेकर यात्रा शुरू करने में परेशानी होती है। हालांकि, जिला प्रशासन का कहना है कि श्रावणी मेले की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। गंगा घाटों की सफाई, कच्चे कांवरिया पथ का समतलीकरण और अन्य जरूरी कार्य लगातार किए जा रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि मेले के औपचारिक उद्घाटन से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी।
आने वाले दिनों में बिहार कांवर यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या और तेजी से बढ़ेगी। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बढ़ती भीड़ के बीच सुरक्षा, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और कांवरिया पथ पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना होगा। यदि समय रहते सभी तैयारियां पूरी हो जाती हैं, तो लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकेगी।
बंगाल व नेपाल का श्रावणी मेला प्रारंभ
हजारों कांवड़िया अजगैविनाथ धाम से गंगा जल लेकर हर हर महादेव,बोल बम के जयकारे लगाकर बैधनाथ धाम के लिए हुए रवाना
भागलपुर के सुल्तानगंज विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला में महज़ 11 दिन शेष बंगाल व नेपाल का श्रावणी मेला प्रारंभ होने पर अजगैविनाथ धाम में बंगाल व नेपाल के कांवड़ियों कि भीड़ गंगा घाट पर उमड़ने लगी हर हर महादेव,बोल बम के नारों के साथ अजगैविनाथ धाम से पैदल व वाहन से कांवड़िया जयकारे लगा कर बैधनाथ धाम के रवाना होने लगें हैं कांवड़ियों व पूजारी ने बताया कि बंगाल व नेपाल का श्रावणी मेला 17जुलाई से प्रारंभ हो गया है अजगैविनाथ गंगा घाट पर अबतक जिला प्रशासन के द्वारा लाईट नहीं लगने पर अंधकार में कांवड़िया स्नान कर रहे हैं जिला प्रशासन द्वारा श्रावणी मेला की तैयारी युद्ध स्तर से शुरु कर दी गई है लेकिन बंगाल व नेपाल का श्रावणी मेला प्रारंभ होने पर अब भी व्यवस्था अधुरी नजर देखनों को मिल रही है गंगा घाट से लेकर कच्ची कांवड़िया पथ पर अबतक लाईट नहीं लगने पर अंधकार में कांवड़िया बैधनाथ धाम के रवाना हो रहे हैं जिला प्रशासन द्वारा कांवड़िया पथ गंगा घाट पर कांवड़ियों की सुविधा के लिए लगातार सुबह शाम कार्य किये जा रहे हैं









