Darbhanga Liquor Ban: बिहार में शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए मद्यनिषेध विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में दरभंगा में अवैध शराब कारोबार से जब्त किए गए वाहनों की नीलामी की गई है। इस कार्रवाई से सरकारी खजाने में लाखों रुपये आने की उम्मीद है, साथ ही अवैध शराब माफियाओं पर भी कड़ा प्रहार हुआ है।
दरभंगा में 30 जुलाई 2026 को मद्यनिषेध विभाग और पुलिस विभाग ने मिलकर एक बड़ी सार्वजनिक नीलामी आयोजित की। इसमें मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2016 (यथा संशोधित-2018/2022) के तहत जब्त किए गए और समाहर्त्ता न्यायालय, दरभंगा द्वारा राज्यसात किए गए कुल 20 वाहनों का निष्पादन किया गया।






शराबबंदी के तहत जब्त 20 वाहनों की नीलामी, बढ़ेगा राजस्व
सहायक आयुक्त, मद्यनिषेध, दरभंगा, प्रदीप कुमार ने इस नीलामी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुल 20 वाहनों की सफल नीलामी हुई, जिनमें 16 दोपहिया वाहन, 03 टैम्पू/ई-रिक्शा और 01 चार पहिया वाहन शामिल थे। इस नीलामी से लगभग 03 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होने की संभावना है। यह राशि सीधे सरकारी खजाने में जमा होगी, जिससे राज्य के विकास कार्यों में मदद मिलेगी।
मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत जब्त एवं राज्यसात वाहनों की समयबद्ध नीलामी की कार्रवाई नियमित रूप से की जा रही है। इससे न केवल सरकारी राजस्व में वृद्धि हो रही है, बल्कि अवैध शराब कारोबार के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में भी मदद मिल रही है।
अवैध शराब कारोबारियों पर लगातार शिकंजा
प्रदीप कुमार ने स्पष्ट किया कि मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग द्वारा अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के विरुद्ध अभियान लगातार जारी है। अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है। जब्त किए गए वाहनों की नियमित नीलामी से यह संदेश भी जा रहा है कि अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। यह बिहार में शराबबंदी को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विभाग की यह पहल न केवल अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगा रही है, बल्कि सरकारी राजस्व में भी लगातार वृद्धि सुनिश्चित कर रही है। भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी ताकि राज्य में पूर्ण शराबबंदी को सफलतापूर्वक लागू किया जा सके।








