सतीश झा, बेनीपुर। Darbhanga News: देखें VIDEO| शनिवार (Saturday’s rain in Darbhanga brought hope of gold production in the fields) की बारिश लेकर आई खेतों में सोना उपजने की आस, देखें VIDEO|
शनिवार की सुबह हुई झमाझम बारिश ने किसानों के मुरझाए चेहरे पर हरियाली छाने लगी है। जहां, तीन माह पूर्व मानसून का आगमन होने के बावजूद इस वर्ष प्रचंड सुखे की स्थिति बनी हुई थी।

आज हुई झमाझम बारिश से चंद्र घंटे में ही धान की फसल में हरियाली लौटने लगी
किसान जैसे-तैसे निजी सिंचाई साधन से खरीफ फसलों का आच्छादन तो कर लिया था लेकिन किसी तरह धान की फसल को सूखने से बचाने के लिए निजी सिंचाई साधन के जरिए बचाव कर रहे थे। लेकिन आज हुई झमाझम बारिश से चंद्र घंटे में ही धान की फसल में हरियाली लौटने लगी है। किसान खेतों में यूरिया छिड़कने की शुरुआत कर दी है।
पुनःधान की फसल होने की संभावना जगने लगी
इससे एक बार पुनःधान की फसल होने की संभावना जगने लगी है। वैसे तो प्रखंड क्षेत्र के किसान कभी अतिवृष्टि तो कभी अनावृष्टि को लेकर त्रासदी झेलते ही आए हैं।
आद्रा से लेकर कई अन्य नक्षत्र जो बारिश के लिए अनुकूल माने जाते हैं, लेकिन सभी नक्षत्र किसानों को दगा दे गयी। फलत: किसानों को निजी सिंचाई व्यवस्था के बदौलत काफी खर्च का सामना करते हुए फसल को जिंदा रखने की मजबूरी बनी हुई थी।
पांच दर्जन से अधिक राजकीय नलकूप पड़े हैं बेकाम
लेकिन इस बीच गुरुवार की शाम एवं शनिवार के सुबह हुई झमाझम बारिश ने किसानों के चेहरे पर खुशियाली ला दी है। वैसे सरकारी सिंचाई साधन पर्याप्त मात्रा में मौजूद रहने के बावजूद किसानों के लिए अनुपयोगी बना हुआ है। पांच दर्जन से अधिक राजकीय नलकूप एवं उद्वह सिंचाई योजना के मोटर पंप बेकार पड़े हुए हैं ।
पूविभागीय अभियंताओं की बात को सच माने
वैसे तो विभागीय अभियंताओं की बात को सच माने तो 80 फ़ीसदी सिंचाई साधन चालू स्थिति में है। लेकिन धरातल पर वस्तुस्थिति है कि 90 फ़ीसदी नलकूप एवं मोटर पंप विभिन्न तकनीकी कारणों से खराब पड़े हुए हैं। दूसरी ओर किसानों के लिए सिर मुराते ओला पड़े बाली कहावत चरितार्थ होने लगी है। बारिश शुरू होते ही यूरिया खाद का मनमानी दाम दुकानदार की ओर से वसूले जाने लगे हैं।
प्रखंड कृषि पदाधिकारी सुरज कुमार ने बताया
सरकार की ओर से जहां यूरिया का निर्धारित मूल्य 266 रुपए है, वहीं, दुकानदार की ओर से किसानों से 325 से लेकर 350 रुपए प्रति बोरा वसूले जा रहे हैं। किसान उक्त मनमानी मूल्य पर खरीदने को विवश हैं।
इस संबंध में प्रखंड कृषि पदाधिकारी सुरज कुमार ने बताया कि युरिया खाद बाजार में प्रयाप्त मात्रा में उपलब्ध है। अधिक मूल्य की शिकायत मिलने पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

