समस्तीपुर अभी-अभी की बड़ी खबर रेल महकमे से आ रही है। जहां समस्तीपुर राजकीय रेल थाना के जवान जितेंद्र कुमार के बैरक में 64 बोतल शराब के साथ गिरफ्तार किये जाने के बाद जीआरपी थानाध्यक्ष नंदकिशोर सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
बिहार में एक तरफ सीएम नीतीश कुमार हर हाल में शराबबंदी लागू करने का दावा कर रहे हैं। दूसरी तरफ उनकी कोशिशों को कहीं-कहीं पुलिसवाले ही पलीता लगा रहे हैं। ऐसा ही हैरान कर देने वाला एक मामला समस्तीपुर में सामने आया जहां रेल थाना से शराब बिकने की सूचना पर पुलिस ने थाने पर ही छापा मार दिया। इस कार्रवाई में एक सिपाही को शराब के साथ गिरफ्तार किया गया है।

जानकारी के अनुसार रेल एडीजी को गुप्त सूचना मिली थी कि सिपाही शराब तस्करी में संलिप्त है। रेल पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार सिंह ने तत्काल टीम गठित कर पूरे मामले की जांच के लिए छापेमारी कराई। टीम में मुख्यालय और समस्तीपुर रेल डीएसपी के अलावा अन्य लोग शामिल रहे।
छापेमारी में बैरक से रेल सिपाही को शराब के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। मामला सामने आने के बाद रेल थानाध्यक्ष नंद किशोर सिंह काे निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई मुजफ्फरपुर रेल पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद की गई है। बताया जाता है कि ट्रेनों में शराब को लेकर छापेमारी की जाती रही है।
बरामद शराब को जितेंद्र कुमार के द्वारा बाजारों में बेचने का काम किया जाता था। इसी को लेकर अपने बैरक में ट्रॉली बैग में शराब को छुपा कर रखता था जिसे वह बाजार में बेचता था।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि समस्तीपुर रेल थाना से शराब बेची जा रही है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने बुधवार की देर रात समस्तीपुर रेल थाना (जीआरपी) पर छापा मारा। यह छापेमारी मुजफ्फरपुर रेल एसपी अशोक कुमार के निर्देश पर की गई। छापेमारी टीम में मजफ्फरपुर और समस्तीपुर के रेल डीएसपी शामिल थे।
इस दौरान रेल थाने में कार्यरत सिपाही जितेन्द्र कुमार को बैरक में शराब के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों ने बताया कि सिपाही की ट्रॉली से बड़ी मात्रा में शराब बरामद की गई है। रेल एसपी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि शराब मामले में सिपाही जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल जांच चल रही है।

