Patna Property Tax: बिहार की राजधानी पटना नगर निगम क्षेत्र के मकान मालिकों के लिए एक बड़ी खबर आई है। स्थानीय प्रशासन ने वार्षिक किराया मूल्य (ARV) की दरों में सीधे पन्द्रह प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू कर दी है। इस फैसले के बाद अब शहर के सभी आवासीय और व्यावसायिक भवनों पर नया नियम प्रभावी होगा, जिससे नागरिकों को अपने घरों और दुकानों के लिए पहले से अधिक संपत्ति कर चुकाना पड़ेगा।
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सरकार ने शहरी विकास की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से इस वित्तीय बदलाव को मंजूरी दी है। यह नया प्रॉपर्टी टैक्स नियम 24 जून 2026 से पूरी तरह प्रभावी कर दिया गया है।






30 साल बाद बदला प्रॉपर्टी टैक्स का गणित, सीधा जेब पर असर
पटना में संपत्ति कर की गणना के लिए इस्तेमाल होने वाले एआरवी सिस्टम में यह बदलाव ऐतिहासिक माना जा रहा है। साल 1995 के बाद पहली बार टैक्स की इन बुनियादी दरों में कोई आधिकारिक संशोधन किया गया है। पिछले तीन दशकों से लोग पुराने ढर्रे पर ही टैक्स का भुगतान कर रहे थे।
बदलते वक्त और शहरी विकास के खर्चों को देखते हुए प्रशासन काफी समय से इस बढ़ोतरी की तैयारी में था। अब नए आदेश के बाद टैक्स मूल्यांकन का पूरा ढांचा बदल गया है। इस वृद्धि का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ने जा रहा है।
30 जून तक भुगतान पर 5% की विशेष छूट, ऐसे उठाएं फायदा
प्रॉपर्टी टैक्स की दरों में बढ़ोतरी के बीच प्रशासन ने ईमानदारी से टैक्स भरने वालों के लिए एक राहत भरा विकल्प भी खुला रखा है। नए नियम के अनुसार, जो भी भवन मालिक 30 जून तक अपने प्रॉपर्टी टैक्स का एकमुश्त भुगतान कर देगा, उसे कुल राशि पर पांच प्रतिशत की विशेष छूट दी जाएगी।
स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह 5% की रियायत केवल सीमित समय के लिए ही वैध है। यदि कोई नागरिक इस निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना टैक्स जमा नहीं कर पाता है, तो उसे पन्द्रह प्रतिशत की पूरी बढ़ी हुई दर से भुगतान करना पड़ेगा।
प्रशासन का मानना है कि इस छूट के लालच में लोग समय पर टैक्स भरेंगे, जिससे नगर निगम के पास समय पर बड़ा राजस्व जमा हो सकेगा। शहर के सभी वार्डों में इस नए नियम को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश अधिकारियों को दे दिए गए हैं।








