Bihar Teacher Transfer: बिहार के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अधिशेष शिक्षकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब इन शिक्षकों को बाल वाटिका और आंगनबाड़ी केंद्रों में तैनात किया जाएगा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि राज्य के सरकारी विद्यालयों में कुल 1.06 लाख अधिशेष शिक्षक हैं, जिनमें से 65413 शिक्षक अकेले पहली से पांचवीं कक्षा के प्राथमिक विद्यालयों में पदस्थापित हैं। हालांकि, अररिया, जमुई और पूर्णिया जैसे तीन जिलों में अभी भी शिक्षकों की कमी बनी हुई है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में तैनात होंगे ‘सरप्लस’ शिक्षक
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने जानकारी दी कि राज्य के 10 हजार सरकारी विद्यालयों के कैंपस में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। इसके साथ ही, सरकारी विद्यालयों के निकट स्थित अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों में भी प्राथमिक शिक्षकों को भेजा जाएगा। यह कदम 30 बच्चों पर एक शिक्षक के निर्धारित मानक से अधिक पदस्थापित शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से उन विद्यालयों में भेजने की दिशा में उठाया गया है, जहां शिक्षकों की कमी है या संबंधित विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं।






शिक्षकों के तबादले के लिए शिक्षा विभाग ने अपना पोर्टल खोल दिया है। ई-शिक्षा कोश के माध्यम से छात्रों की संख्या के अनुपात में अधिशेष शिक्षकों की पहचान की गई है। हालांकि, कई विद्यालयों में सभी नामांकित छात्रों का डेटा अभी तक ई-शिक्षाकोष पर दर्ज नहीं हो पाया है।
शिक्षकों को मिलेगा अपनी पसंद का विद्यालय
प्रेस कांफ्रेंस में शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों का तबादला पूरी तरह से ऐच्छिक होगा। उन्होंने कहा,
“शिक्षकों का तबादला पूरी तरह ऐच्छिक हैं। जो आवेदन करेंगे, उनका ही तबादला होगा।”
इस प्रक्रिया के तहत शिक्षक कम से कम 30 विद्यालयों का विकल्प चुन सकेंगे। शिक्षकों द्वारा दिए गए विकल्पों में से ही किसी एक विद्यालय में उनका तबादला किया जाएगा। किसी भी शिक्षक का तबादला दिए गए विकल्प के अतिरिक्त किसी अन्य विद्यालय में नहीं होगा। पुरुष शिक्षकों का तबादला उनके गृह प्रखंड के निकट के अन्य प्रखंड में होगा, और वे चार प्रखंडों का चयन कर सकेंगे। मंत्री ने यह भी बताया कि महिला शिक्षकों का तबादला उनकी गृह पंचायत के निकट की किसी अन्य पंचायत में होगा, जो उनकी इच्छा और दिए गए विकल्प में शामिल होगा।
शिक्षकों की परेशानी दूर करने के लिए जारी हुए नंबर
शिक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षकों को तबादले में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा,
“शिक्षकों को तबादले में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होना चाहिए।”
उन्होंने कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की ओर से दो टोल फ्री नंबर और ई-शिक्षाकोष के हेल्पडेस्क के दो नंबर भी जारी किए हैं, जिन पर शिक्षक अपनी समस्याएं साझा कर सकते हैं। महिला शिक्षकों को उनकी पंचायत में और पुरुष शिक्षकों को उनके आवासीय प्रखंड के निकटतम प्रखंड में ट्रांसफर किया जाएगा।
| सेवा का प्रकार | जारी किए गए नंबर |
|---|---|
| कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (टोल फ्री) | 14417, 18003454417 |
| ई-शिक्षाकोष हेल्पडेस्क | 9523300520, 9430820499 |
इन नंबरों के माध्यम से शिक्षक अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे, जिससे तबादला प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके। यह पहल बिहार के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाएगी, जहां सरप्लस शिक्षकों का सदुपयोग होगा और छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल पाएगी। पढ़िए विस्तार से
बिहार के 1.06 लाख शिक्षकों के लिए खुशखबरी! अब मनचाही जगह पोस्टिंग, शिक्षा मंत्री ने दिया बड़ा तोहफा
Bihar Teacher Transfer: बिहार के प्राथमिक विद्यालयों में तैनात 1.06 लाख अतिरिक्त शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि मानक से अधिक नियुक्त इन शिक्षकों को अब बाल वाटिका और आंगनबाड़ी केंद्रों में तैनात किया जाएगा। यह कदम राज्य की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और शिक्षकों के बेहतर प्रबंधन के लिए उठाया गया है।
मंत्री मिथिलेश तिवारी ने जानकारी दी कि पूरे सूबे के सरकारी विद्यालयों में कुल 1.06 लाख शिक्षक अधिशेष (सरप्लस) हैं। इनमें से 65,413 शिक्षक केवल पहली से पांचवीं कक्षा तक के प्राथमिक विद्यालयों में पदस्थापित हैं। हालांकि, राज्य के तीन जिले – अररिया, जमुई और पूर्णिया – ऐसे भी हैं जहां शिक्षकों की कमी बनी हुई है।
ऐच्छिक होगा तबादला, शिक्षक दे सकेंगे 30 विकल्प
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों का यह बिहार टीचर ट्रांसफर पूरी तरह ऐच्छिक होगा। उन्होंने बताया, “जो शिक्षक आवेदन करेंगे, उनका ही तबादला किया जाएगा।” इस प्रक्रिया के तहत, इच्छुक शिक्षक कम से कम 30 विद्यालयों का विकल्प दे सकेंगे। उनके द्वारा दिए गए विकल्पों में से ही किसी एक विद्यालय में उनका स्थानांतरण होगा। मंत्री ने यह भी जोर देकर कहा कि किसी भी शिक्षक का तबादला दिए गए विकल्प के अलावा किसी अन्य विद्यालय में नहीं होगा।
मिथिलेश तिवारी ने आगे बताया कि पुरुष शिक्षकों का तबादला उनके गृह प्रखंड के निकट के अन्य प्रखंड में होगा, जिसके लिए वे चार प्रखंडों का चयन कर सकेंगे। वहीं, महिला शिक्षकों को विशेष राहत दी गई है। उनका तबादला उनकी गृह पंचायत के निकट की किसी अन्य पंचायत में किया जाएगा, जो उनकी इच्छा और दिए गए विकल्प में शामिल होगा।
ई-शिक्षा कोष से चिन्हित हुए सरप्लस शिक्षक, आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलेगा लाभ
शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के तबादले के लिए अपना पोर्टल खोल दिया है। ई-शिक्षा कोष के माध्यम से बच्चों की संख्या के अनुपात में अधिशेष शिक्षकों की पहचान की गई है। हालांकि, मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि बड़ी संख्या में ऐसे विद्यालय हैं जहां सभी नामांकित छात्र-छात्राओं का डेटा अभी तक ई-शिक्षा कोष पर दर्ज नहीं है।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया, “बिहार के प्राथमिक विद्यालयों के मानक से अधिक पदस्थापित शिक्षकों को बाल बाटिका और आंगनबाड़ी केंद्रों में तैनात किया जाएगा। सूबे के 10 हजार सरकारी विद्यालयों के कैंपस में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। इनके साथ-साथ सरकारी विद्यालयों के निकट के आंगनबाड़ी केंद्रों में भी प्राथमिक शिक्षकों को भेजा जाएगा।”
यह पहल उन 10,000 सरकारी विद्यालयों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगी जिनके कैंपस में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त, सरकारी विद्यालयों के निकट स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों में भी प्राथमिक शिक्षकों को भेजा जाएगा। 30 बच्चों पर एक शिक्षक के निर्धारित मानक से अधिक पदस्थापित शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से उन विद्यालयों में भेजा जाएगा जहां शिक्षकों की कमी है या संबंधित विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं।
शिक्षकों की समस्याओं के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
शिक्षकों को तबादले की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए शिक्षा मंत्री ने कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की ओर से दो टोल फ्री नंबर जारी किए हैं। इसके साथ ही, ई-शिक्षा कोष के हेल्पडेस्क के नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिन पर शिक्षक अपनी समस्याएं साझा कर सकते हैं।
| सेवा | हेल्पलाइन नंबर |
|---|---|
| कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (टोल फ्री) | 14417, 18003454417 |
| ई-शिक्षा कोष हेल्पडेस्क | 9523300520, 9430820499 |
यह सुविधा सुनिश्चित करेगी कि शिक्षकों को स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान उचित मार्गदर्शन और सहायता मिल सके। इस व्यापक नीति से बिहार के शिक्षा विभाग में शिक्षकों की कमी और अधिकता की समस्या को संतुलित किया जा सकेगा, साथ ही शिक्षकों को अपनी पसंद के अनुसार कार्यस्थल चुनने का अवसर भी मिलेगा।








