Lalu Yadav Money Laundering: बिहार की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। रेलवे टेंडर घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत नौ आरोपियों पर दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। स्पेशल जज विशाल गोगने ने इस मामले में आरोप तय करने का आदेश जारी किया। इस कानूनी कार्रवाई से लालू परिवार की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं।
कोर्ट ने लालू यादव के दामाद राहुल यादव सहित कुल सात लोगों और संस्थाओं को बरी करने का भी महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस मामले में कोर्ट ने 13 फरवरी को ही अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
कौन-कौन हैं आरोपी और किन्हें मिली राहत?
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जिन नौ लोगों और संस्थाओं के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं, उनमें लालू परिवार के प्रमुख सदस्य शामिल हैं। वहीं, कुछ अन्य लोगों को इस केस से राहत मिल गई है।
| आरोप तय हुए (कुल 9) | बरी किए गए (कुल 7) |
|---|---|
| लालू यादव | राहुल यादव |
| राबड़ी देवी | गौरव गुप्ता |
| तेजस्वी यादव | नाथ मल कंकर्निया |
| लारा प्रोजेक्ट्स | विजय त्रिपाठी |
| सरला गुप्ता | डीएन तुलस्यान |
| प्रेमचंद गुप्ता | राजीव रेलान |
| सुजाता होटल्स | अभिषेक फाइनेंस |
| विनय कोचर | |
| विजय कोचर |
इस फैसले से स्पष्ट होता है कि कोर्ट ने कुछ आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत पाए, जबकि कुछ अन्य को आरोपों से मुक्त कर दिया।
पहले भी मिल चुकी है जमानत
इस मामले में ईडी द्वारा दर्ज केस में कोर्ट ने 28 जनवरी, 2019 को लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को नियमित जमानत दी थी। यह जमानत एक-एक लाख रुपए के निजी मुचलके पर मिली थी। सीबीआई की ओर से दर्ज इसी तरह के एक अन्य मामले में कोर्ट ने 19 जनवरी, 2019 को लालू यादव को नियमित जमानत दी थी।
गौरतलब है कि रेलवे टेंडर घोटाले से जुड़े सीबीआई के मामले में भी लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ 13 अक्टूबर, 2025 को आरोप तय करने का आदेश दिया गया था। अब मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले में भी आरोप तय होने से कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और परिवार को अदालती कार्यवाही का सामना करना होगा।







